Tuesday, January 31, 2017

BUDGET 2017-18

Trade Body Seeks Fiscal Support In Budget For Boosting Exports

Exporters' body FIEO asked the government to create of an Export Development Fund for aggressive marketing particularly for MSMEs and VAT exemption for merchant exporters.

BUDGET SURVEY

Finance Minister Arun Jaitley is all geared up to present the Union Budget 2017-18 on February 1, breaking the decade-old practice of presenting it on the last working day of February. This Budget comes less than three months after Prime Minister Narendra Modi's bold and risky gamble to outlaw high-value old currency notes. The Economic Survey for 2016-17, tabled in Parliament by Mr Jaitley on Tuesday, pegged India's economic growth at 6.5 per cent for the current fiscal year, down from 7.6 per cent recorded in the last financial year, but added that growth is expected to rebound in the range of 6.75-7.5 per cent in 2017-18.

Here are 10 facts:
  1. Arun Jaitley has made a contribution to the Economic Survey by authoring a section of the report card. This is for the first time that a finance minister wrote a section in the survey. "The Survey has greatly benefitted from the comments and insights of the Hon'ble Finance Minister Arun Jaitley, who also authors a section in the Survey, possibly the first such contribution by a Finance Minister," Chief Economic Adviser Arvind Subramanian said.
  2. Mr Jaitley will reply to questions by Twitterati on the proposals in the Budget after its presentation in the Lok Sabha, news agency Press Trust of India reported. "I shall be presenting the Union Budget for 2017-18 tomorrow. I shall be happy to respond to your questions which you can send directly to me," Mr Jaitley said. The questions can be asked on Twitter by using hashtag #MyQuestionToFM.
  3. This Budget will break the 92-year-old tradition of presenting the Railway Budget separately. The Rail Budget will be merged with the Union Budget. The end of a separate Budget will be a relief for the Railways, since its revenue deficit and capital expenditure will now get transferred to the Finance Ministry. The Railways is also facing an accumulated burden of a whopping Rs. 4.83 lakh crore towards execution of 458 unfinished and ongoing projects.
  4. Running trains at 200 kmph on the Delhi-Howrah and Delhi-Mumbai routes, allocation of Rs. 20,000 crore for safety upgrade and customised trains for agri products are likely to be in focus.
  5. Ahead of the expected GST rollout from July 1, Mr Jaitley may increase the service tax rate to bring it into line with the proposed standard rate under the new tax regime. The service tax rate may be increased from 14 per cent at present to 16-18 per cent. Mr Jaitley also defended demonetisation, saying the drive "shook" the financial system for a short while, but will integrate the shadow economy with the formal in the long run and ensure better tax compliance.
  6. The Economic Survey said that the demonetisation, effected in November 2016, could have particularly "profound impact" on the real estate sector. "Real estate you do see a blip in prices, sales and launches and of course some of it may be adverse to the economy but in the long, some of that could be good because aim of demonetisation is to bring down real estate prices," said Mr Subramanian, the lead author of this pre-Budget document on the state of economy.
  7. Budget will likely offer modest tax concessions and ramp up spending to help the economy recover. Paying for those giveaways may require Mr Jaitley to slow the pace of fiscal tightening, officials told news agency Reuters.
  8. In Union Budget 2017-18, banks expect the government to boost consumption demand through personal income tax sops, including higher exemption limit, additional deductions under Section 80C and interest on home loans. Banks are also eyeing incentives from the government for digital transactions, including tax benefits for customers as well as merchants.
  9. Curtailment of education fees, cheaper electronic gadgets and more focus on jobs are some of the expectations Young India has from the Budget 2017-18, news agency IANS reported. To boost the country towards the digital economy and ramp-up the start-up industry are also few measures that are likely to be considered.
  10. Ahead of the Budget, Ficci's latest Business Confidence Survey, the Overall Business Confidence Index (OBCI) has revealed that India Inc's business confidence slipped to a four quarter low as demonetisation pulled down performance and clouded its assessment of the economy, Press Trust of India reported.

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Tuesday, January 24, 2017

ANDHVISHWAS

जिसको धार्मिक होने पर गर्व है
उसको इंसानियत से बैर व नैतिकता से नफरत होना स्वाभाविक

सोंच ही रहा था कि यकायक खयाल आया
की चीन,जापान,अमेरिका,इंग्लैण्ड और न जाने कितने ही देश हैं और रहे होंगे जब हमारे देश में जातियां बन रही होंगी,कोई हमारे यहाँ चमार,अहीर,गडरिया,काछी, तेली,कुर्मी,धोबी,धानुक,नाई में ऊँचा-नीचा समझने का प्रयास कर रहा होगा।
पर क्या ऊपर देशों में इन सभी काम को करने वाले लोगों में यह वर्गीकरण है अथवा था?
जाओ जातिवाद के पक्षधरों पहले पता करके आओ कि वहां कार्य के आधार पर लोगों में जातियां हैं कि नहीं हैं और यहाँ हम और हमारे आज के नवजवान युवा मोबाइल का एंड्राइड वर्जन तो तुरंत अपडेट कर लेना जानते हैं किंतु सोंच को नहीं।
धिक्कार है भारत के उन नवजवानों पर जो आज भी जातिवाद को बढ़ावा दिए पड़े हैं कोई हक नहीं है ऐसे नवजवानों को देश और राष्ट्रवाद की बात करने की।
#जनवादी_शिवम्_आज़ाद
नई नवेली दुल्हन जब
ससुराल में आई तो उसकी
सास बोली :बींदणी कल
माता के मन्दिर में
चलना है।
बहू ने पूछा : सासु माँ एक
तो ' माँ ' जिसने मुझ जन्म
दिया और एक ' आप ' हो
और कोन सी माँ है ?
सास बडी खुश हुई कि मेरी
बहू तो बहुत सीधी है ।
सास ने कहा - बेटा पास के मन्दिर में दुर्गा माता है
सब औरतें जायेंगी हम भी चलेंगे ।
सुबह होने पर दोनों एक साथ मन्दिर जाती है ।
आगे सास पीछे बहू ।
जैसे ही मन्दिर आया तो बहू ने मन्दिर में गाय की मूर्ति को देखकर
कहा : माँ जी देखो ये गाय का बछड़ा दूध पी रहा है ,
मैं बाल्टी लाती हूँ और दूध निकालते है ।
सास ने अपने सिर पर हाथ पीटा कि बहू तो " पागल " है और
बोली :-,बेटा ये स्टेच्यू है और ये दूध नही दे सकती।
चलो आगे ।
मन्दिर में जैसे ही प्रवेश किया तो एक शेर की मूर्ति दिखाई दी ।
फिर बहू ने कहा - माँ आगे मत जाओ ये शेर खा जायेगा
सास को चिंता हुई की मेरे बेटे का तो भाग्य फूट गया ।
और बोली - बेटा पत्थर का शेर कैसे खायेगा ?
चलो अंदर चलो मन्दिर में, और
सास बोली - बेटा ये माता है और इससे मांग लो , यह माता तुम्हारी मांग पूरी करेंगी ।
बहू ने कहा - माँ ये तो पत्थर की है ये क्या दे सकती है ? ,
जब पत्थर की गाय दूध नही दे
सकती ?
पत्थर का बछड़ा दूध पी नही सकता ?
पत्थर का शेर खा नही सकता ?
तो ये पत्थर की मूर्ति क्या दे सकती है ?
अगर कोई दे सकती है तो आप ......... है
" आप मुझे आशीर्वाद दीजिये " ।
तभी सास की आँखे खुली !
वो बहू पढ़ी लिखी थी,
तार्किक थी, जागरूक थी ,
तर्क और विवेक के सहारे बहु ने सास को जाग्रत कर दिया !
अगर मानवता की प्राप्ति करनी है तो पहले असहायों , जरुरतमंदों , गरीबो की सेवा करो
परिवार , समाज में लोगो की मदद करे ।
"अंधविश्वास और पाखण्ड को हटाना ही मानव सेवा है " ।
बाकी मंदिर , मस्जिद , गुरुद्वारे, चर्च तो मानसिक गुलामी के केंद्र हैं
ना कि ईश्वर प्राप्ति के
........ मानव का सफर पत्थर से शुरु हुआ था। पत्थरों को ही महत्व देता है और आज पत्थर ही बन कर रह गया -
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1. चूहा अगर पत्थर का तो उसको पूजता है।(गणेश की सवारी मानकर)
लेकिन जीवित चूहा दिख जाये तो पिंजरा लगाता है और चूहा मार दवा खरीदता है।
2.सांप अगर पत्थर का तो उसको पूजता है।(शंकर का कंठहार मानकर)
लेकिन जीवित सांप दिख जाये तो लाठी लेकर मारता है और जबतक मार न दे, चैन नही लेता।
3.बैल अगर पत्थर का तो उसको पूजता है।(शंकर की सवारी मानकर)
लेकिन जीवित बैल(सांड) दिख जाये तो उससे बचकर चलता है ।
4.कुत्ता अगर पत्थर का तो उसको पूजता है।(शनिदेव की सवारी मानकर)
लेकिन जीवित कुत्ता दिख जाये तो 'भाग कुत्ते' कहकर अपमान करता है।
5. शेर अगर पत्थर का तो उसको पूजता है।(दुर्गा की सवारी मानकर)
लेकिन जीवित शेर दिख जाये तो जान बचाकर भाग खड़ा होता है।
हे मानव!
पत्थर से इतना लगाव क्यों और जीवित से इतनी नफरत क्यों?.
..
दोस्तो चांद का मतलब आपकी भावनाओं को ठहेश पहूचां ना नहीं है . lekin आप भी ज़रा सोचे सच क्या है !!!!

दिव्य चमत्कार 
गरूड़ पुराण के अनुसार गो मूत्र देखने मात्र से सभी समस्याओं का समाधान !



Tuesday, January 17, 2017

हरयाणा में महिलाओं की स्तिथि

हरयाणा में महिलाओं की स्तिथि 
आज बड़ी भारी संख्या में विवाह के लिए लड़किया बिहार, असम, मध्यप्रदेश,  झारखंड, पशिचम बंगाल आदि राज्यों से खरीदकर लाई जाती है पर अब  सवाल यह उठता है कि दूसरे राज्यों से जो लड़कियाँ खरीदकर लाई जाती है  उन्हें पूरा सम्मान व ओहदा मिलता है जिसकी वो हकदार है, नहीं  कदापि नहीं।
CHANDIGARH: In the last four months of Manohar Lal Khattar-led BJP government in Haryana, crimes against women have continued unabated, new figures reveal. According to a statement presented before the assembly, a total of 2,715 cases of various crimes against women were registered across the state between October 26, 2014 and February 28, which comes to about 67 cases per day.

Dalits

हरियाणा में दलितों की हालात 
भारतीय लोकतंत्र देश के वंचितों को सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन मुहैया कराने में सफल होता नहीं दिख रहा।उनकी समस्याएं, उनके सवाल, उनका दर्द, उनका विकास, उनकी शिक्षा, सम्मान, रोजी-रोटी, रोजगार सब कुछ पहले भी हाशिए पर था, लेकिन अब तो उन्हें हाशिए से भी बाहर मान लिया गया है।
मिर्चपुर में एक वाल्मीकि परिवार का पालतू कुत्ता जाट युवकों पर भौंकता है तो उसे जाट बर्दाश्त नहीं कर सके और बदले में उन्होंने बर्बरता का नंगा नाच किया। इस हादसे के बाद 150 से ज्यादा वाल्मीकि परिवारों ने मिर्चपुर गांव को छोड़ दिया। हरियाणा से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया।
23 मार्च 2014 को जब देश शहीद भगत सिंह की कुर्बानी को याद कर रहा था, हरियाणा के हिसार जिले के भगाणा गांव में दलित समुदाय की चार बच्चियों को एक दबंग जाति के लड़के जबरन कार में खींच ले गए। रुमाल सुंघाकर उन्हें बेहोश किया और फिर सामूहिक बलात्कार। बच्चियां भटिंडा रेलवे स्टेशन पर पड़ी मिलीं। 
दलित और कमजोर तबकों को तो जीवन-पर्यंत सवर्णों की दया और मेहरबानी के बोझ तले ही रहना पड़ता है। अगर दलित थोड़ा सा भी उपर उठने की कोशिश करते हैं या किसी तरह की ‘एहसानफरामोशी’ करते हैं तो फिर शुरू हो जाता है उन पर यातनाओं और दमन का बर्बर दौर। राजनीतिक व्यवस्था या प्रणाली चाहे अभिजनवादी हो या बहुजनवादी, दोनो ही दलित चेतना और उभार का इस्तेमाल सिर्फ अपनी सत्ता के लिए खड़ा करते हैं। कांग्रेस हो या बीजेपी या चाहे मायावती की बसपा कोई भी दलितों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान की चिंता तभी तक ही करती है जब तक उन्हें दलितों के जरिये सत्ता नहीं मिल जाती। 
इंदिरा गांधी ने जिस बीज को बोया, आडवाणी-मोदी की बीजेपी उसी का फसल काट रही है। इंदिरा गांधी के सांप्रदायीकरण और आडवाणी के मंडल विरोधी और मोदी के अवसरपरक मंडल समर्थक रुपांतरण में कोई खास अंतर नहीं है। ऐसी स्थिति में गुजरात हो या हरियाणा, वहां दलितों के साथ न्याय की उम्मीद रखना ही बेईमानी है। बीजेपी के दलित सांसद भी इसे बखूबी जानते हैं, इसलिए वे पार्टी और संघ के ब्राह्मणवादी सनातन संस्कृति के खिलाफ नहीं जा सकते।
NACDOR के अनुसार पिछले 10 सालों में दलितों के खिलाफ हिंसा के मामले 271 प्रतिशत बढ़े हैं। NCRB के 2014 के डेटा के अनुसार दलितों पर अपराध के 92.3 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट हो जाती है, लेकिन सिर्फ 28.8 प्रतिशत को ही सजा मिलती है।

रोहतक(16जनवरी,2017) नोटबंदी व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बिगडती कानून-व्यवस्था के खिलाफ एवम् मनरेगाा के तहत काम, आवास योजनाओं के भुगतान करने संबंधी अनके मुद्दों को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के आह्वान पर सैकड़ों लोगों ने जोदार आक्रोश प्रदर्शन के माध्यम से प्रधानंमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। 
  जिलास्तरीय आक्रोश प्रदर्शन के पहले सैकड़ों लोग स्थानीय मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए और राजकुमारी दहिया व सतबीर पाक्समा की अध्यक्षता में सभी की। सभा में बोलते हुए माकपा राज्य सचिवमंडल सदस्य इन्द्रजीत ने कहा कि नोटबंदी के नाम पर प्रधानमंत्री ने जमा राशि पर अधिकतम सीमा लगाकर लोगो को अपने ही पैसो से वंचित कर रही है। कालेधन व भ्रष्टाचार के नाम पर पूरे प्रदेश के किसानों से सरकार 625 करोड़ रू. से ज्यादा लूट चुकी है, किसानों के भारी विरोध के बावजूद भी सरकार बीमा कम्पनियों को फायदा पहुंचाने पर आमादा है। 
   पार्टी जिला सचिव विनोद ने कहा कि मनरेगा के तहत कामगारों के काम का भुगतान न करके व आवास योजना के अनुदानों को लटकाकर गरीबों के साथ भद्दा मजाक कर रही है। सुशासन का नारा देने वाली भाजपा के शासनकाल में गुण्डे व दरिंदे खुलेआम घूम रहे है और आम नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर है। लोगों को पीने का पानी तक मुहैया नही हो रहा है। समान काम-समान वेतन सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर न्यायपालिका की अवमानना के साथ कच्चे कर्मचारियों का शोषण कर हरी है। आगामी दिनों में माकपा इन मुद्दों पर तीखा संघर्ष का ऐलान करेगी। 
  बाद में माकपाई प्रदर्शनकारी हाथों में लाल झंड़े लिए शहर में प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहंुचे और 14 सुत्रीय मांग-पत्र एसडीएम महम के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा। विरोध कार्यवाही को प्रीत सिंह, प्रकाशचन्द्र, सीटू प्रदेश महासचिव जयभगवान, महिला नेत्री जगमति संगवान, बलवान सिंह, एडवोकेट रामचन्द्र सिवाच, अंजु, संजीव सिंह, ओमप्रकाश सिवाच, रणधीर, सतपाल ने भी संबोधित किया। 
ये मांगे प्रमुख रूप से शामिल रही । 
1.    मनरेगा के तहत किए गए काम की दिहाड़ी का भुगतान यथाशीघ्र करवाया जाए व सभी जरूरतमंद कामगारों के जॉब कार्ड बनवाकर 100 दिन का काम सुनिश्चित किया जाए।
2.    आवारा पशुओं के कारण फसलों के नुकसान व सड़क दुघटनाओं के अनेक मामले सामने आ रहे है। इसलिए आवारा पशुओं पर तुरंत नकेल कसी जाए।
3.    इंदिरा, राजीव आवास योजना के रोके गए अनुदानों को तुरंत जारी किया जाए। 
4.    प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत किसानों के खातों से जबरन वसुली पर तुरंत रोक लगाई जाए। 
5.    नीतू हत्याकाण्ड के 7 महीने बीत जाने के बावजूद न तो दोषियों को गिरफ्तार किया और न ही पीडि़त परिवार को मुआवजा मिला है। इस मामले में न्याय सुनिश्चित करवाया जाए। 
6.    10वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुए घिनौने अपराध के मामले में दोषियों को सख्त सजा सुनिश्चित करवाने के लिए उचित कदम उठाए जाए।  
7.    राशन डिपों पर आधार कार्ड से जोड़ने की व्यवस्था से लोगों को भारी परेशनियों करना सामना करना पड़ रहा है इस बारे में उचित निर्देश जारी करे।
8.    निर्माण कामगारों को श्रम कल्याण बोर्ड के तहत मिलने वाले सुविधा लाभ लम्बे समय से लटके पड़े है। लाभों के भुगतान को सुनिश्चित करें।
9.    दिहाड़ी मारने की घटनाओं बारे जिला स्तर पर उचित व्यवस्था कर कामगारों का शोषण बंद करवाया जाए।  
10.    सभी बेजमीने लोगों को रिहायशी प्लाट दिए जाए।   
11.    रिटायर्ड कर्मचारियों, आटो चालको समेत रोहतक में नागरिको पर बनाए गए झूठे मुकदमें वापिस लो। 
                                                      प्रकाशचन्द्र 
                                                  जिला सचिवमंडल सदस्य
                                                     सी.पी.आई(एम)
                                                     9416731506

Monday, January 16, 2017

कवि फौजी किसान मेहर सिंह

कवि फौजी किसान मेहर सिंह के जन्म दिवस (15 फरवारी , 2017 को बरोणा गाँव में रागनियों का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है । बाकि डिटेल तय की जा रही  हैं । शीघ्र ही सूचित किया जायेगा आप से निवेदन है कि 15 फरवरी को बरोणा गाँव पधारें