Wednesday, December 24, 2014

मुबारक नया साल


दो हजार पन्दरा मैं काटै काच्चे चौखे ब्यौंत आला भाई रै ॥
ऑन लाइन पर काम कराओ बढ़िया स्कीम चलायी रै ॥
मॉल खोले गजब के मिलै सब कुछ एक छत नीचै
बाहर खड्या गरीब तो बस अपने खाली पेट नै भींचै
ब्यौंत आला घरां बैठ्या करै बुकिंग जहाज हवाई रै ॥
अपोलो बरगे फाइव स्टार अस्पताल गजब के खोलै
इलाज मँहंगा बजट घटा दिया सुनकै म्हारा हिया डोलै
गरीब मरो सड़ सड़ कै नै कहवण की ये मुफ्त दवाई रै ॥
एयर कण्डीसण्ड जीवन का न्यारा यो संसार बनाया
अमीरां के दिन तो आछे म्हारै आज बी अँधेरा छाया
नए साल की कई दिन जावैगी दिन रात धूम मचाई रै ॥
मुबारक क्यांकि अर किसनै यो थोड़ा सा गंभीर ख्याल
आप बी देखी भाजपा नै ठाया धर्म विकास का सवाल
जनता नै अपनी बेचैनी ये बदल कै सरकार दिखाई रै ॥
सब रंगों के समावेश आले भारत पै संकट आया रै
हिन्दू बणकै रैहणा होगा यो सबतैं फरमान सुनाया रै
रणबीर आगे तैं सोच समझ कै तूँ  करिये कविताई रै ॥


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